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SANTI PREEYA

AI की दुनिया

                                                               AI की दुनिया   :  भविष्य की ओर एक कदम                     आज की डिजिटल दुनिया में, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तेजी से बढ़ती हुई एक क्रांति बन गई है। जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ रही है, हमारे जीवन के हर पहलू में AI का प्रभाव साफ़ नजर आने लगा है। चाहे वह स्वास्थ्य सेवा हो, शिक्षा, व्यापार, या फिर रोज़मर्रा के कार्य, AI ने सभी क्षेत्रों में अपनी जगह बनाई है। आइए समझते हैं कि AI की दुनिया कैसी है, इसके फायदे क्या हैं, और यह भविष्य में हमारे जीवन को कैसे बदल सकती।                                  AI क्या है?           AI का मतलब है ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता,’ यानी कंप्यूटर सिस्टम या मशीनों का वह क्षेत्र जो इंसानों क...
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विचारों की शक्ति

विचारों की शक्ति                                                                      विचारों की शक्ति                       मित्रों ,इस लेखन को पढ़ने पर सबसे पहले हमारे मन में प्रश्न आता हैं कि विचार हम किसे कहते हैं ?  मित्रों, आप सब ने महसूस किया होगा कि हमारा मस्तिष्क निरंतर किसी न किसी परिकल्पना में लगा रहता है या हम कह सकते है कि हम सभी के मनस पटल पर निरंतर कुछ ख्याली तरंगे उठती रहती हैं। हमारे मन में समय ,परिस्थिति और आवश्यकता के अनुरूप कुछ न कुछ ख़्याल हर समय चलते रहते है जिसमे से बहुत से ख़्याल अर्थात सोच समय, परिस्थिति और आवश्यकताओ के साथ ही समाप्त हो जाते है परन्तु कुछ सोच हमारे मन मस्तिष्क में बने रह जाते है और उन सोचों का हमारे मन पर इतना गहरा प्रभाव होता है कि हमारा मस्तिष्क उन्ही को आधार बनाकर जीवन के छोटे-बड़े फैसले लेने लगता है उन्हे...

VARANSI

                                                                                        वराणसी                                                                             मित्रों, जो लोग वराणसी के बारे में ज्यादा कुछ नही जानते है वह भी यह जानते है और मानते हैं कि भारत देश इस पृथ्वी के उस भू-खण्ड का नाम है, जिसकी मिट्टी में सजीव रूप में प्रगट होने वाले प्राणियों का जीवन,अति संवेदना और अनंत संभावना से परिपूर्ण होता है। भारत के इसी भू-खण्ड पर पूर्वोत्तर में प्रवाहित होने वाली पवित्र नदी गंगा के तट पर लाखों वर्ष पूर्व की मानव सभ्यता का वाहक एक नगर है, जिसे भारत का धार्मिक हृदयास्थल य...

पर्यावरण

                                                पर्यावरण - 1               मित्रों, आप सभी को आज-कल पर्यावरण के प्रदुषित होने की खबर यदा-कदा मिल ही जाती होगी। प्रदूषण की समस्या आज के समय में इस धरती वासियों की सबसे बड़ी सार्वजनिक समस्याओं में से एक है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वायु प्रदूषण का अंदाजा इस वैज्ञानिक मापदंडों के आधार पर किया जा सकता है कि धूल के कणों और धुए की मात्रा नापने वाला यंत्र ,हवा में इनकी उपस्थिति खतरनाक स्तर पर दर्ज कर रहे है। यह धूल के कणों और धुआँ  किसी प्राकृतिक कारणों से नहीं बल्कि हम विकसित कहे जाने वाले मानव के कर्मों का परिणाम है।  प्रदूषण का  प्रमुख कारण 1.अंधाधुन गति देने वाले वाहनों से निकलने वाला धुआँ।  2. कूडे ,पत्ते और पराली इत्यादि को  निस्तारण हेतु आग लगाने से निकलने वाला धुआँ। 3. प्लास्टिक का अनियंत्रित उपयोग।  4. बेतरतिब सड़कों और भवनों का निर्...

पर्यावरण

                                                                                     पर्यावरण                                    (कबीर साहब के शब्दों में )               मित्रों ,आज हमारी मानव सभ्यता शिक्षा और समझ के इस स्तर पर पहुँच चुकी है कि लगभग हर आदमी पर्यावरण के बारे में कुछ न कुछ समझ रखता है,परन्तु आज से छः सौ वर्ष पूर्व किसी ने सायद ही पर्यावरण के बारे में कुछ सोच हो,मगर कबीर साहब ने उस समय में भी पर्यावरण के विषय में दोहे के माध्यम से पंक्ति कहा था। आज हम उसी पंक्ति पर चर्चा करेंगे।                                दोहा :-  डाली छेडूं न पत्ता छेडू...

सफलता में तत्परता का महत्व

                                                                                 सफलता में तत्परता का महत्व                                                                                  ( कबीर साहब के शब्दो में)                                                                        मित्रों ,जैसा की आप जानते हैं कि कबीर साहब के द्वारा जो भी पक्तियाँ कही गई, उनका महत्व हर समाज में और हर समय में एक जैसा...

सफलता में साहस का महत्व - 2

                            सफलता में साहस का महत्व -2                                                                                                                     (आध्यत्मिक अर्थ )                 मित्रों, कबीर साहब के दोहा जिसकी चर्चा हमने सफलता में साहस का महत्व -1  में की हैं ,उसी का आध्यात्मिक भाव तलाश करेंगे।              दोहा :-       जिन खोजा तिन पाइयाँ ,गहरे पानी पैठ।                                 मैं बपुरा बूडन डरा, रहा किन...