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Showing posts with the label वही करें जो उचित हो

वही करें जो उचित हो (भाग-3)

                                                          वही करें जो उचित हो -3          मित्रों ,आशा करता हूँ कि आप प्रसन्न होंगे। जीवन में पाने और खोने को बहुत कुछ हैं पर हमे विचार करना चाहिए कि जीवन में जो भी करते हैं वह सब आनंद ,प्रसन्नता ,सुख ,ख़ुशी के लिए ही करते हैं लेकिन कई बार आप ने देखा होगा कि जो काम हम कर रहे हैं उसका आरम्भ तो हमने प्रसन्नता पूर्वक किया पर करते -करते न जाने कब उसमें विषाद ,क्रोध, दुःख ,इत्यादि पैदा हो जाते हैं यह बात समझ में नही आता, हम सभी लोग ने अपने जीवन में यह अनुभव निश्चित रूप से किया होगा। मित्रों ,मानव जीवन का उद्देश्य निःसंदेह प्रसन्नता ,खुसी ,आनन्द ,और सुख प्राप्त करते हुए जीवन गुजरना ही है मगर ये तकलीफ़ ,परेशानी ,मुश्किल न जाने कहाँ छुपी रहती हैं और हमारे जीवन के मधुर रस में विष घोलती रहती हैं आख़िर इसका क्या कारण हैं ? अंततः हम जो कुछ भी करते हैं वह सब कुछ अच्छे ...

वही करें जो उचित हो (भाग-2)

.                                            वही करें जो उचित हो -2                                                                                                                                                                                                                         पिछले ब्लॉग में आप सब को कर्म और उसके फल के बारे में पढ़ाने को...

वही करें जो उचित हो (भाग-1)

                                                    वही करें जो उचित हो -1          मित्रों ,                     हम आज बात करेंगे कि हमें मानव होने और मानवता को आगे बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए ?विषय निश्चित रूप से गम्भीर है परन्तु मैंने शीर्ष पर ही लिख दिया कि वही करे जो उचित हो इसलिए यह विषय थोड़ा आसान हो जाता है। आप हम कई बार दुविधा में फस जाते है और हमे समझ में नही आता कि क्या किया जाए और क्या न किया जाए उस स्थित में ये बात मायने रखती है कि आपके द्वारा क्या निर्णय लिया जाता है। निर्णय तो लेना ही होगा आप ज्यादा टाल मटोल नही कर सकते और टाल मटोल किया भी नही जाना चाहिए। आप अगर सोचने में ज्यादा विलम्ब करते है तो आप की कार्य क्षमता पर सवाल होगा अतः आप को निर्णय तो लेना है मगर मित्रो मेरा मानना है कि आप जो भी निर्णय लें वह मानवता को ध्यान में रखकर लें। मित्रों ,आप के कर्मो के परिणाम को...