Skip to main content

आइये तनाव समाप्त करें

.                                                                                                                                                                                                                                    आइये तनाव समाप्त करें                                                                                                                                                            
       1 . हम सभी लोग जानते हैं कि हमारे मस्तिष्क में कई प्रकार के विचारो का आना जाना लगा रहता है ,परन्तु हमारे जीवन में कई ऐसी घटनाएं घट जाती हैं जो हमारे मस्तिष्क में बार बार चाहे अनचाहे याद आती रहती हैं, और हमारा मस्तिष्क उसी घटना के इर्द -गिर्द कुछ न कुछ कल्पना करता रहता है ,जब की हम उसे भूल जाना चाहते हो, अब हमें यह भी जान लेना चाहिए कि वह कौन कौन से विषय होते है जिसे मन बार बार विचारों में लाता है जिन  घटनाओ से मन को लगता है कि इससे उसे खतरा हो सकता है वही विचार मस्तिष्क में बार बार आते है  इसे ही हम तनाव कहते है इसे हम आज के कंप्यूटर की भाषा में वायरस कहते हैं।  जिस प्रकार से हम कम्प्यूटर के वायरस को हटाने के लिए एंटीवायरस का प्रयोग करते है उसी प्रकार हमें अपने तनाव को समाप्त करने के लिए आप एक छोटा सा उपाय जान ले , अगर आप को किसी भी प्रकार का तनाव सता रहा है तो ''मैं ईश्वर संतान हूँ ''इस मंत्र का जप करने मात्र से आप के मन मस्तिष्क के सारे तनाव दूर कर सकते हैं। क्यों और कैसे जानने के लिए मिलें। ....... Phone No. 09936351423

Comments

Popular posts from this blog

विचारों की शक्ति

विचारों की शक्ति                                                                      विचारों की शक्ति                       मित्रों ,इस लेखन को पढ़ने पर सबसे पहले हमारे मन में प्रश्न आता हैं कि विचार हम किसे कहते हैं ?  मित्रों, आप सब ने महसूस किया होगा कि हमारा मस्तिष्क निरंतर किसी न किसी परिकल्पना में लगा रहता है या हम कह सकते है कि हम सभी के मनस पटल पर निरंतर कुछ ख्याली तरंगे उठती रहती हैं। हमारे मन में समय ,परिस्थिति और आवश्यकता के अनुरूप कुछ न कुछ ख़्याल हर समय चलते रहते है जिसमे से बहुत से ख़्याल अर्थात सोच समय, परिस्थिति और आवश्यकताओ के साथ ही समाप्त हो जाते है परन्तु कुछ सोच हमारे मन मस्तिष्क में बने रह जाते है और उन सोचों का हमारे मन पर इतना गहरा प्रभाव होता है कि हमारा मस्तिष्क उन्ही को आधार बनाकर जीवन के छोटे-बड़े फैसले लेने लगता है उन्हे...

सफलता में तत्परता का महत्व

                                                                                 सफलता में तत्परता का महत्व                                                                                  ( कबीर साहब के शब्दो में)                                                                        मित्रों ,जैसा की आप जानते हैं कि कबीर साहब के द्वारा जो भी पक्तियाँ कही गई, उनका महत्व हर समाज में और हर समय में एक जैसा...

सफलता (कबीर साहब के शब्दों में ) भाग -1

  सफलता                                          (कबीर साहब के शब्दों में ) भाग -1                                                                                                                                   मित्रों, हम मानव, इस धरती पर उत्पन्न होने वाले प्राणियों में सर्वश्रेठ क्यों कहे जाते हैं ? इसके पीछे कारण है कि प्राकृतिकऔर कृत्रिम परिवर्तनो को झेलने एवं उन पर जीत हासिल करने की जो क्षमता हम मनुष्यों में है अन्य किसी प्राणी में नही है। हम मनुष्यों में प्रकृति ने इतनी खुबियाँ भरी हैं जो हमें हर तरह की मुश्किलों का स...